• "साहब गजब चल रही है  देश में आपकी नीतियां
  •   बेरोजगार हो रहे  निरंतर देश के बेटे-बेटियां ;

  •  बढ  रहे दंगे , बह रहे मासूमो के लहू
  •   खल राहा मेरा दिया मत  मैं कैसे न कहूं    (मत  - वोट )

  •   बहुत हुई  वायदे  झूटी अब एक लफ्ज़ भी न मैं सहूँ
  • बीक चुकी देश की मीडिया, अब न मैं चुप रहूँ 

  •  बढ़ रहे बलात्कार कहाँ है सुरक्षित है हमारी बेटीया-बहुँ
  •  करते हो हवा बातें  अब न मैं  चुप रहूँ 


  • आँकड़े देखो बढ गए  भुखमरी ,मोब लीचिंग कमजोर है वूमेन सेफ्टी
  • हो गए है  हम आंख से अंधे पर ये सरकार क्यों नही देखती

आँकड़े देखो और बताओ कहाँ सुरक्षित है देश की बेटी बेटियां
मासूमो के बह रहे लहुँ बरस रही निर्दोषो पर लाठियाँ

आज लोकतंत्र खतरे  में नही होती राजनीति नही होती यदि घटिया
मुददे से हटकर कर ,बाँट रहे हिन्दू मुस्लिमो में आपकी पार्टियां

साहब चल रहे देश मे निरंतर कैसी आपकी देश-विदेश नीतियाँ
पक नही रही गरीब,शिक्षित, युवाओं के घर मे दो वक्त की रोटियाँ




देश के गरीब किसान,मजदूर ,शिक्षित जनता के झोली में पत्तर,कंकड़ गोटियाँ
जनता की हक छीन कर समेट रहें देशद्रोही मोतियाँ

देश की सच्चाई छुपाकर महान काम कर रहीं आज की भारतीय मीडिया
देश की गोदी  पत्रकारिता ने  लोकतंत्र को पहना दिया लोहे  की बेड़ियाँ
रविश कुमार ,प्रसून जोशी सच्चे पत्रकार के सामने आए देश के माननीय प्रधान मुखिया
गोदी पत्रकारिता के द्वारा देश के जनता को बना रहे  तुम महान चुतियाँ/

देश की मुद्दों, समस्याओं  ,स्वास्थ्य, रोजगार पर  करते डिबेट आएंगी अच्छी घड़िया

प्राचीन भारत धनवान् था इन  कारनो से कहलाता था भारत सोने की चिड़िया,

देशद्रोही नेता घूम रहे खुले ,बेगुनाह के हाथों मे है हथ कड़ियां                                    
  • जनाब गजब चल रही है  देश में आपकी  नीतियां

  •       बेरोजगार हो रहे  निरंतर देश के बेटे-बेटियां ;

रचनाकार -( सोनू साव )

मेरे दोस्तों  भाइयो अंधा भक्ति मत करो  देखो समझो  और सरकार से पूछो चाइना, जापान नस्ट  होने के बावजूद  आज हजारो साल आगे हमसे है भारत का तेजी से डेवलोपमेन्ट न होने की वजह  सत्ता की लालच  आज टीवी चैनलो में सरकार की  गलतियों को दिखया नई जा रहा देश की हालत को छुपाया जा निन्दनीय राजनीति हो रही दुख है हमे धन्याद /शेयर कर देना समझ  मे आये तो ///


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